Friday, December 29, 2017

Kisse Amitabh Ke - Ek Thi Murti

किस्से अमिताभ के - एक थी मूर्ति - स्टार कॉमिक्स
लेखक : गुलज़ार ( प्रसिद्द फिल्म मेकर, लेखक)
पेंसिलिंग : प्रताप मुल्लिक

अमिताभ बच्चन इन एंड एस 'सुप्रीमो"

IBH PUBLICATIONS ने हमें अब तक कई तरह के पढने लायक ग्राफ़िक नोवेल्स  दिए , जिनमे से अमर चित्रकथा और टिंकल मैगज़ीन काफी पोपुलर हुए! लेकिन सन 1980 के दौरान IBH PUBLICATIONS द्वारा प्रकाशित स्टार कॉमिक्स से 'सुप्रीमो' नामक  सुपरहीरो पाठको के लिए निकाला गया था, जो काफी पोपुलर हुआ था ! यह सुपरहीरो काफी ख़ास था ! रंधीर कपूर  उस वक्त अमिताभ बचन को सुप्रीमो नाम से बुलाते थे ! बस और क्या था सुपर हीरो के लिए एक ख़ास नाम स्टार कामिक्स के हाथ में था ! लेकिन IBH  कामिक्स प्रेमियों के लिए डबल ट्रीट देने के मूड में थी! डीसी कामिक्स में जिस तरह क्लर्क केंट और सुपरमेन एक ही शख्स है लेकिन अलग अलग अस्तितिव है, ठीक इसी तरह स्टार कामिक्स ने किस्से अमिताभ के कामिक्स सीरीज में सुप्रीमो और अमिताभ बच्चन दो अलग अलग अस्तित्व और एक ही इंसान रखे! मतलब अमिताभ अपने फिल्म शूट के अलावा एक सुप्रीमो नामक सुपर हीरो भी है ऐसा इस सीरिज में दिखाया गया था! इस कामिक्स में हेमा मालिनी का एक कैमिया रोल भी है!

कहानी की शुरुआत होती है एक फिल्म के शूटिंग सेट से, जहां अमिताभ बचन अपनी को स्टार हेमा मालिनी के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रहे होते है! तभी अमिताभ बचन की पालतू चिड़िया 'शाहीन" आकर उसके कान में कुछ बताती है! अमिताभ जल्द से जल्द अपनी शूटिंग निपटा कर अपने द्वीप जाते है जो असल में सुप्रीमो नाम सुपर हीरो का हेड क्वार्टर है! यहाँ कई सारे पालतू जानवर रहते है! जानवरों के साथ अमिताभ बच्चन का तालमेल लेखक गुलजार ने काफी अच्छी तरह फेंस को प्रेजेंट किया है! कहानी का शीर्षक 'एक थी मूर्ति" जिससे साफ़ पता चलता है की कहानी एक मूर्ति के इर्द गिर्द होगी! सन 1660 में चोरी हुई मूर्ति समुन्दर के बीच एक दुबे हुए जहाज के मलबे में दबी हुई होती है! जिसके बारे में कुछ गुंडों को पता चल जाता है! अमिताभ बच्चन यानी सुप्रीमो वह पहुँच कर करीब 300 साल से खोई हुई मूर्ति को अपने कब्जे में लेता है जिसके लिए उसकी उन गुंडों के साथ भीषण जंग भी होती है! आखिर मूर्ति उसके पास होती है जो वह भारत सरकार को दे देता है, क्योंकि वह देश की अमानात है!

एक सेलेब्रिटी को सुपर हीरो दिखा कर फेंस के सामने  पेश करना, इंडियन कामिक्स इंडस्ट्री में शायद यह पहला प्रयास था! जो काफी सफल हुआ था! फेंस के बीच सुप्रीमो जगह बना चूका था! इस श्रुंखला में करीब 8 कामिक्स आयी थी या शायद 9 मुझे इसका पक्का पता नहीं है!

आज भी  इन सीरिज की कामिक्स काफी रेयर मानी जाती है, जो सिर्फ कुछ गिने चुने फेंस के पास ही है!

धन्यवाद


Thursday, December 28, 2017

VICHITRA PARAKH - TULSI COMICS

विचित्र परख - तुलसी कॉमिक्स



1980-90 के दशक में तुलसी कॉमिक्स प्रकाशन द्वारा कई तरह की मनोरंजक कहानिया प्रकाशित की जाती थी! वैसे तो इस प्रकाशन के प्रमुख सुपरहीरो तौसी, अंगारा और जम्बु हुआ करते थे! लेकिन इन सुपरहीरो कॉमिक्स के अलावा यह प्रकाशन राजा रानियों की कहानियों, हॉरर कहानियों, साइंस फिक्शन कहानियों एवं कई अलग अलग कोंसप्ट्स पर कॉमिक्स प्रकाशित करता था! इनकी कहानियाँ दिल को छू लेने वाली होती थी! आज भी इन कॉमिक्स की रिपीट वैल्यू है! रिपीट वैल्यू यानी वह वैल्यू की जिनको आप बार बार पढ़े तो भी बोर नहीं होते!

विचित्र परख कॉमिक्स इन्हीं राजा रानियों के कोंसप्ट्स पर प्रकाशित हुई कॉमिक्स है! देवल राज्य के राजा महिपत की दौ नौजवान लडकियाँ है, राजकुमारी रूपमाला एवं राजकुमारी जयमाला!  जिनके विवाह के विषय पर वह एक बार अपनी महारानी सुगंधा के साथ विचार विमर्श करते है! वह अपनी इच्छा बताते हुए महारानी सुगंधा से कहते है की वह अपनी दोनों राजकुमारियो की शादी किसी राजकुमार से नहीं परन्तु उस इंसान से करवाएंगे जो काफी बुद्धिशाली हो! इस समस्या का हल निकालने एवं राजकुमारियों के लिए  बुद्धिशाली पति ढूढने के लिए वह गुरु रूशीवाम को बुलाते है! गुरु रुशिवाम महिपत को दो बुद्धिशाली इंसान ढूंड कर देते है जो दोनों राजकुमारियो से शादी करने योग्य वर बन सके! दोनों की बुद्धिमता की राजकुमारी भी परिक्सा लेती है उसमे भी दोनों उत्तीर्ण होते है! अंत में दोनों का विवाह होता है!

एक अलग ही शैली में लिखा गया इसका स्टोरी प्लाट पाठकों को अंत तक बोर होने नहीं देता! कॉमिक्स का चित्रांकन श्री विनोद भाटिया एवं राजेश भाटिया ने किया है! कथा लिखी है विजय कुमार वत्स ने!

एक बहतरीन कोमिक्स!

Sunday, December 24, 2017

Faridi Aur Leonardo ( Ibne Safi- Jasoosi Duniya Novels) : Review

इब्ने सफी  को जन्म जात रहस्यकथा लेखक कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी! जब तक उन्होंने लिखा, इस क्षेत्र में उन से आगे कोई नहीं था! यह शब्द , भारत के मशहूर क्राइम फिक्शन लेखक 'सुरेन्द्र मोहन पाठक" के है! इब्ने सफी का जन्म 1928 में हुआ था! इमरान सीरिज और जासूसी दुनिया उनके बेस्ट सेलर्स सस्पेंस थ्रिलर सीरिज है! फरीदी और लियोनार्ड नावेल उनकी जासूस दुजिया नावेल सीरिज में से एक है जो की इस श्रंखला का पाचवा अंक है! इसका ओरिजिनल संस्करण सन 1952 में यही नाम से प्रकाशित हुआ था! इसका रीप्रिंट हार्पर कालिंस द्वारा प्रकाशित किया गया है!

लिओनार्ड एक मोस्ट वांटेड ब्लैक मेलर है , जिसकी तलाश दुनिया भर के सभी देशो की पुलिस , इंटरपोल को है! वह कौन है, कैसा दीखता है अब तक कोई नहीं जानता है! यहाँ तक की उसकी तस्वीर या हुलिए का जिक्र भी पुलिस डिपार्टमेंट के पास नहीं है! लिओनार्ड पेशेवर ब्लैकमेलर होने के नाते बड़े बड़े लोगो की कमजोरिया ढूंढ कर उन्हें एक न्यूज पेपर के अलग अलग आर्टिकल्स से इस तरह ब्लैकमेल करता है की न्यूज़ पेपर रीडर को वह एक खबर लगती है लेकिन जो ब्लैकमेल हो रहा है वह समज जाता है की उसको ब्लैक मेल किया जा रहा है! इस ब्लैक मैलिंग के जरिये लियोनार्ड करोडो रूपये की फिरौती मांगता है!

डिपार्टमेंट ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन के चीफ मिस्टर जैक्सन द्वारा इस लियोनार्ड को पकड़ने के लिए भारत भर के 6 जासूस की टीम बनायी जाती है! इनमे फरीदी भी शामिल है! फरीदी को लियोनार्ड बार बार इशारों से चुनौती एवं धमकी देता है ! ऐसे अपराधी को पकड़ना, जिसे कोई नहीं जनता और किसी ने देखा तक नहीं ,  फरीदी और उसके दोस्त हमीद के लिए एक सिरदर्द समान परिस्थिति है !

जबरदस्त सस्पेंस , थ्रिलर , एक्शन से भरपूर नावेल जिसका ओरिजिनल संस्करण आज की तारीख में एक काफी रेयर माना जाता है ! इसका रिप्रिंट पढ़ पाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है!

धन्यवाद !



Kisse Amitabh Ke - Ek Thi Murti

किस्से अमिताभ के - एक थी मूर्ति - स्टार कॉमिक्स लेखक : गुलज़ार ( प्रसिद्द फिल्म मेकर, लेखक) पेंसिलिंग : प्रताप मुल्लिक अमिताभ बच्चन इन...